Monday, May 31, 2021

DOWRY

 

                                        दहेज़ -

सदियों से चला रहाबुराइयों का प्रतीक है,
इसका अलग स्वाभाव हींवर्षों का अतीत है |

सभी जगह फैला हुआकरता काम अजीब है,
नारी का अपमान है भरतारहता एक परजीव है |

हमेशा से निंदा पात्रमाना गया है इसे,
फिर भी मानव वर्ग इसेपूछता आया है ख़ुशी से |

नारियों को बोझ समझकरइसे चुकाना पड़ता है,
खुद कर्ज तले दबकरजीवन बिताना पड़ता है |

समझ गए गर इसका रहनाकितना हीं अभिशाप है,
समाज को नष्ट करनाइसका मूल अभिलाष है |
  

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