नारी शिक्षा -
प्राचीन काल से हीं, नारी को,
अलग दृष्टि से पाला था, संभाल कार्य सिर्फ घर का,
यही महत्व कर डाला था |
पर आज जाकर जाना हमने, उनके बढ़ने का ऐसास,
नहीं रहेगा पिछड़ा फिर, आने वाला कल फिर पास |
रहती सदा आत्म-विश्वासी, करती परिवार का विकास,
हर जगह समाज में, रखती एक अलग सी ख़ास |
इनकी शिक्षण को भारत ने, अजब हीं सराहा है,
लाकर योजनाएं इनके प्रति, अलग संवेदना जगाया है |

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