Tuesday, June 1, 2021

माँ -


                                             जीवन दायनी इस धरा परकरती पोषण आपार है,

अपने लाल का कर्म करपाती एक अजब सम्मान है |

होती त्याग की प्रतिमूर्तिप्रेम भाव दर्शाती है,
अपने संतान की खातीर वहसबकुछ न्योछावर कर जाती है
|

माँ बगैर जीवन कीकल्पना भी अधूरी है,
उसके बिना पल पानादुनिया की रीत जरुरी है |

ईश्वर का दूजा रूपसदा झलकता माँ में,
इसके आशीर्वाद सी हींसदा जगमगाता संसार में

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