पर्यटन जो जरिया है, इतिहास जानने की घड़ियां है |
बीते युग में जो हुआ, पता चले तो सीख हुआ |
उसी इतिहास से सबक लेना है, आगे का मार्ग बना लेना है |
अगर संभल गए तो, गुणवान, वार्ना रह गए सुनसान |
अच्छे भले समाज में, दर्जा न मिल पायेगा |
सिर्फ अपयश का चादर ही, उम्र भर रह जायेगा

No comments:
Post a Comment