- खुशबू -
मधुबन की खुशबू, फैली चारो ओर,
टूट पड़े भौरें, करते जोर शोर |
ले पराग उड़ चले, करते इकठ्ठा किसी ओर,
न जाने किस घड़ी में, निकल जाएँ किस छोर |
यूँ तो हवा ऐसे ही, खुशबू ले उड़ती है,
प्राणी को स्पर्श करा, उनकी खबर पूरती है |
होता नव ताजगी एहसास, बैठ जाता कहीं छाओं में,
चाहे हो वृक्षों की टहनी, या सरिता की नाओ में |

very nice sir.
ReplyDeletesuper sir
ReplyDeleteIndicates sur sangeet
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