Wednesday, May 26, 2021

- खुशबू -


                                                             - खुशबू -

मधुबन की खुशबूफैली चारो ओर,

टूट पड़े भौरेंकरते जोर शोर |  

ले पराग उड़ चलेकरते इकठ्ठा किसी ओर,

जाने किस घड़ी मेंनिकल जाएँ किस छोर 

यूँ तो हवा ऐसे ही, खुशबू ले उड़ती है,

प्राणी को स्पर्श कराउनकी खबर पूरती है |  

होता नव ताजगी एहसासबैठ जाता कहीं छाओं में,

चाहे हो वृक्षों  की टहनीया सरिता की नाओ में |

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