We should be careful with our words.
Words can hurt, words can heal.
जीवन की राह चलते-चलते, थक्कर चूर हो चले |
कही नम तो कभी गम, साथ-साथ मिल पले |
पालने को देखा तो, बचपना साथ था |
फिर भी मायूसी, और चेहरा उदास था |
ना था कोई उमंग, उस सादगी के संग |
फिर भी एक आश लेकर, आया था एक रंग |
कहते ही बोल पड़े, हस्ते हुए छंद |
आशा हुयी निराशा, पलभर में मंद |

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