Friday, June 4, 2021

बहादुरी -

 


बहादुरी -

 कुलदीप 25 साल का एक युवा था और गुजरात नवल बेस में तैनात था। वह स्वभाव से बहुत बोल्ड था। उसने तस्करी से जुड़े कई मामलों को सुलझाया। एक बार वह अपने दोस्तों के साथ शहर से रहा था। अचानक उसने एक गाँव के पास भीड़ देखी। उन्होंने वहां जाकर एक बहुत ही हैरान कर देने वाली घटना देखी। एक सांप एक बच्चे के पैरों के बीच था। अगर कोई हरकत होती तो सांप काट लेता। सभी लोग भयभीत थे और माता-पिता इसे देखकर रो रहे थे। अचानक कुलदीप ने एक छोटा सूती कपड़ा लिया और उसे अपने हाथ में लेकर सांप के मुंह को पकड़ लिया और बच्चे के शरीर से बाहर निकाल दिया। अब बच्चा स्वतंत्र था और माता-पिता ने जल्दी से अपने बेटे को उठा लिया। फिर कुलदीप ने सांप को घुमाया और उसे जंगल में मुक्त कर दिया। उसकी बहादुरी देखकर ग्रामीण बहुत खुश हुए। उसी घटना को उनके कार्यालय में सुनाया गया था। सीनियर्स को उस पर बहुत गर्व महसूस हुआ और उन्हें उनके बहादुरी भरे काम के लिए सम्मानित किया गया।

 

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