त्याग -
सूरज की लालिमा, सुबह-शाम दिख पड़ती, आते-जाते कर्मों की, सदा गवाही रखती |
हर दिन के मेहनत को, सदा तराशा जाता, इसी से मानव जन का, कार्य सफल हो जाता |
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